साहित्य

शिव शंकर की आराधना.. 

    डॉ उषा अग्रवाल

लो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों हो आयें

मंदिर में जाकर भक्तों दर्शन कर हम आयें।

 

ये संसार है मोह का बंधन।

ये जंजाल है रिश्तों का बंधन।

मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी,

आत्मा को अपनी कुदंन बनायें।

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों हो आयें।

 

कहीं भी नहीं अंत उसकी दया का।

हमें भी कृपा मिले उसकी कृपा का।

हमें भी छांव मिले मंदिर में जाकर

चलो आज बंदन हम उनका कर आयें।

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों हो आयें।

 

करें सबका कल्याण कल्याण कारी।

भंडार भरते हैं सबका शिव त्रिपुरारी।

करें नाम लेकर सफल अपना जीवन,

ये अनमोल जीवन को यूं न गवायें।

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों हो आयें।

ई पत्रिका के लिए रचना प्रेषित की है आदरणीय शिव शंकर जी पर

डॉ उषा अग्रवाल  जलकिरण

‌‌ छतरपुर मध्यप्रदेश

 

 

 

 

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