
करो योग निरोग रहो।
योग करो स्वस्थ रहो।
योग करो खुशहाल रहो।
योग से मन की शांति पाओ।
योग करो असाध्य रोगों को मुक्ति पाओ।
योग करो मन की शांति पाओ।
योग करो आत्मविश्वास जगाओ।
योग करो हमेशा जवान रहो।
योग करो शुद्ध प्राण वायु पाओ।
योग करो स्वस्थ रहो मस्त रहो।
योग करो तनाव भगाओ।
योग करो आलस दुर करो।
योग करो तन मन ताकत जगाओ।
योग करो मन की शुद्धि करो।
योग करो शरीर में नई उमंग नई तरंग नई आशाएं जगाओ।
योग करो मानसिक चिताओं से दूर रहो। योग करो मानसिक अवसाद से दूर रहो।
#सुरेन्द्र कुमार बिन्दल कलमकार जयपुर।
#स्वरचित मौलिक रचना।




