साहित्य

योग

डा. राजेश तिवारी

भगाये रोग को , भारत का प्रयोग ।

तन मन को रखे भला , नित्य कीजिए योग ।।1

योगासन कीजे सुबह , साथ में प्राणायाम ।

स्वास लीजिए नाक से , कभी दाहिने वाम।।2

नाड़ी शोधन भी करो, कुण्डलिनी धर ध्यान ।

पद्मासन पर विराजिये , यह पुरखों का ज्ञान ।।3

योग दिवस यह आपको, मंगलमय हो वर्ष ।

जीवन में छाया रहे , नित नूतन शुभ हर्ष ।।4

अष्ट अंग है योग के , आसन प्राणायाम ।

ध्यान धारणा कीजिए, ले समाधि से काम।।5

प्रत्याहार यम नियम से , रखिए तन को स्वस्थ ।

स्व में स्थित होइए , ना हो वे अस्वस्थ ।।6

 

डा. राजेश तिवारी ‘मक्खन’

झांसी उ प्र

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