साहित्य

योग का जीवन में महत्व

मदन वर्मा "माणिक"

क्या है? अंतर्मन का पावन सा उपवन है,

आत्मा का परमात्मा से सुंदर सा मिलन है।

योग का मन पर प्रभाव है अमृत जैसा गहरा,

चंचलता मिट जाती है, मिलता शांति का पहरा।।

 

तन में आता अद्भुत बदलाव, मिटती है सब सुस्ती,

लचीलापन बढ़ जाता है, रग-रग में आती चुस्ती।

ताजगी में होता ऐसा सुखद और पावन परिवर्तन,

जैसे महक उठा हो कोई नया-नया मधुवन।।

 

दूर भागता रोगों का भय, स्वास्थ्य का हटे टेंशन,

बढ़ जाता है जीवन में ऊर्जा का नया डाइमेंशन।

योग अगर है जीवन में, तो जीवन है रसधार जैसा,

मुस्कान तैरती अधरों पर, खिलते हुए गुलाब जैसा।।

 

बिन योग के जीवन तो बस एक बोझ बन जाता है,

तनाव, रोग और चिंताओं में इंसान घिर जाता है।

चलो अपनाएं आज योग, स्वस्थ-सुखी कल पाने को,

सच्चे आनंद और नई ऊर्जा से खुद को महकाने को।।

 

             – मदन वर्मा “माणिक”

                इंदौर, मध्यप्रदेश

 

दिनांक 20.06.2026

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