
बड़ा सुहाना दिन आया,
कुआँ पूजन दिवस लाया।
चली जच्चा शिशु के संग,
घर से बाहर प्रथम बार।
लेने आशीर्वाद वरुण,
मांगें शिशु स्वास्थ्य परिवार।।
आंगन में भात सजाया,
कुआँ पूजन दिवस लाया।
नथ साड़ी शॉल पीलिया ,
पीहर से भैया लाया।
उछाले है नोट हजार,
खुशियों का शुभ दिन छाया।
चाची ने सोहर गाया ,
कुआँ पूजन दिवस लाया।
ढोल नगाड़े भी बाजे,
दादा वारे नोट अरब।
नजर उतारे है दादी ,
रुपये मैया बाँट खरब।।
पंडित को यहाँ बुलाया,
कुआँ पूजन दिवस लाया।।
डॉमंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई




