
मानव बन के दिखा दीजिए।
दानव थोड़ी दया कीजिए।।
तन ये नर का मिला है तुम्हें ,
वैसा कुछ तो करम कीजिए।। 1
ये हैं दुर्लभ बहुत भटका तू ,
बुद्धि थोड़ी लगा लीजिए।। 2
स्वर्ग और मोक्ष का द्वार ये ,
अच्छा सा कुछ जतन कीजिए।। 3
तन से दिखते मनुष्य आप तो ,
कुछ मनुजता दिखा दीजिए।। 4
मक्खन सा मन बने आपका,
काम ऐसा कृपा कीजिए।। 5
डा राजेश तिवारी मक्खन
झांसी उ प्र




