
जब जब याद करें पुलवामा ,पीड़ा मिलती भारी।
निर्दोषों के प्राण हर लिए,निर्मम अत्याचारी।।
नतमस्तक है देश सभी पर, हुए वीर उपकारी।
आज उन्हीं की याद में फिर,रोते सब नर नारी।।
रखी आन भारत माता की,,भारत मान बढ़ाया।
वीर शहीदों ने हमको भी,देशप्रेम सिखलाया।।
डॉ नवनीता दुबे नूपुर©®✍️मंडला,मप्र स्वरचित।




