श्री देव दीप साहित्य संगम के तत्वावधान में भव्य पुस्तक लोकार्पण एवं कवि सम्मेलन सम्पन्न
डॉ. गीता पाण्डेय

गोरखपुर। श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान, गोरखपुर द्वारा संचालित श्री देव दीप साहित्य संगम के तत्वावधान में रविवार को श्री विश्वकर्मा मंदिर, मानसरोवर, गोरखनाथ, गोरखपुर में भव्य पुस्तक लोकार्पण एवं कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। साहित्य, संस्कृति और सृजनशीलता को समर्पित इस आयोजन में साहित्यकारों, कवियों, विद्वानों एवं साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत कवयित्री प्रतिभा गुप्ता ‘प्रबोधिनी’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अतिथियों का अंगवस्त्र, माल्यार्पण एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया तथा वंदना सूर्यवंशी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर चार महत्वपूर्ण कृतियों— ‘कंसबध’ (रचनाकार: दिनेश गोरखपुरी), ‘दीपशिखर काव्यलोक’ (संकलनकर्ता: दिनेश गोरखपुरी), ‘प्रेम शतक’ (रचनाकार: डॉ. गीता पाण्डेय ‘अपराजिता’) तथा ‘मेरे गीतों का संसार’ (रचनाकार: आशा शर्मा) का विधिवत लोकार्पण किया गया।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता प्रो. रामदरश राय ने की। मुख्य अतिथि प्रो. अनिल राय ने ‘कंसबध’ को 16 खण्डों में रचित एक प्रामाणिक एवं नवीन शैली का लघु काव्य ग्रंथ बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने ‘दीपशिखर काव्यलोक’ के संकलन एवं प्रकाशन की प्रशंसा करते हुए ‘प्रेम शतक’ और ‘मेरे गीतों का संसार’ को भी उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियाँ बताया। कवि सौदागर सिंह ने अपने विचारों के साथ भोजपुरी रचना प्रस्तुत की, जबकि डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने भोजपुरी गीत सुनाकर सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सुभाष यादव एवं डॉ. रामकृपाल राय ने भी पुस्तकों पर अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. रामदरश राय ने चारों कृतियों का साहित्यिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए प्रथम सत्र का समापन घोषित किया।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि सुभाष यादव ने की तथा संचालन वरिष्ठ कवयित्री वंदना सूर्यवंशी ने किया। इस सत्र में प्रतिभा गुप्ता ‘प्रबोधिनी’, जगदीश खेतान, आशा शर्मा, बद्री विश्वकर्मा ‘सवरिया’, राजेश मृदुल, अविनाश श्रीवास्तव ‘डोपामिन’, वंदना मिश्रा, निर्मल कुमार गुप्त ‘निर्मल’, नीरजा सिंह, अनुप्रिया राय, प्रीति मिश्रा, निशा पासवान, अर्चना आनंद, सुमन झा ‘माहे’, प्रेमलता ‘रस बिन्दु’, कमलेश मिश्रा, अनुरीता अवध, ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, पं. दानिका प्रसाद ‘इंजीनियर’, विजय प्रताप शाही, सुनील श्रीवास्तव ‘राज’, शैलेश कुमार चौधरी, राकेश कुमार सक्सेना, प्रदीप सत्यदेव, डॉ. गीता पाण्डेय ‘अपराजिता’, अल्का रानी अग्रवाल, नन्दलाल मणि त्रिपाठी ‘पीतांबर’, दिनेश गोरखपुरी, डॉ. भारतेन्द्र सिंह सहित अनेक कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम में सभी रचनाकारों को सम्मान-पत्र एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर अध्यक्ष सुभाष यादव ने सभी प्रतिभागियों की साहित्यिक प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। अंत में राष्ट्रीय संरक्षक नन्दलाल मणि त्रिपाठी ‘पीतांबर’ ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।




