साहित्य

विजय उत्सव उल्लास  पथ विजय संघर्ष युद्ध  अविराम

नन्दलाल मणि त्रिपाठी

निर्भय निश्चय विजय

त्याग बलिदान पल प्रहर

का अहंकार वर्तमान!!

विजय वेबस विवश

नहीं स्वतंत्र शंखनाद

विजय जीत संकल्प

साहस नियोजित

निर्णय संस्कृति

संस्कार!!

 

विजय चुनौती अवरोध

उद्भव उत्कर्ष पथ कि

रणनीति रण जन्मेजय

विरोध अवरोध खंड खंड

करता चक्रवर्ती यज्ञ

अश्वमेघ अविरल प्रवाह!!

 

भय भ्रम भय को

तोड़ता निडर निर्भीक

निडर आगे नित्य निरंतर

बढ़ता निराशा अंधकार

कि ऊर्जा उजियार!!

 

संसय अनिश्चिता का

प्रतिकार शत्रु पराजय

पराक्रम पुरुष युग विजय

वरण पग चरण!!

 

समय काल स्थिति

परिस्थिति विषम भेदता

धारा विपरीत को पक्ष मे

मोड़ता साक्ष्य!!

 

बनता स्वंय काल दृष्टि

सृष्टि कि देखती संजोति

स्मृतियों मे विजयी गाथा

गौरव गरिमा मान!!

 

विजय दिवस नहीं विजय

पल प्रहर नहीं विजय मात्र

इतिहास नहीं विजय स्मरण

मात्र नहीं विजय आचरण

व्यवहार!!

 

विजय राष्ट्र समय समाज

पहचान विजय का कोई

राष्ट्र समाज मोल चूका

नहीं सकता

 

विजय के बलिदान सिर्फ

जीवन मूल्यों मे सयोजित

विजय परिभाषा पराक्रम

प्रज्वालित मिशाल मशाल

समय काल!!

 

जाने कितनी वेदना छुपे

अश्रु धार धारा मे निर्मित

विजय उत्साह जाने कितने

बहते रक्तों से सिंचित धरा

धन्य का युग विजयी मुस्कान!!

 

विषम युद्ध मैदान पलक

झपकते हीं जाता प्राण

भूख निद्रा संवेदना सम्बन्ध

प्रथम त्याग!!

 

विजय मात्र राष्ट्र

गौरव युद्ध उद्देश्य

सांसे धड़कन प्राण!!

 

कारगिल जटिल युद्ध मैदान

शत्रु का कंकड़ भी प्राक्षेपास्त्र

सामान!!

 

कारगिल भारत सैनिक

सेना राष्ट्र शक्ति संकल्प

दृढ़ता विजय विरोचित

प्रतिज्ञा यथार्थ!!

 

ऊँचाई पर बैठे अभिमानी

शत्रु धूल धुसित भीख

मांगता प्राण!!

 

विजय कारगिल युद्ध

दिवस नहीं मात्र स्मरण

दिवस नहीं वीरता धीरता

सेना सैनिक युद्ध का नव

विजयी विज्ञानं शोध बोध

बलिदान का नव युग

अध्याय आयाम!!

 

नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!

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