
मैखाने में जाके कभी दौलत नहीं मिलती।
नफरत की दुकान में मुहब्बत नहीं मिलती।
मत भूल कर उछालना किसी की आबरू।
बाजारों में सिक्कों से इज्जत नहीं मिलती।
कभी भूले से न जाना कातिल की गलि में।
बस्ति में कातिलों की शराफत नहीं मिलती।
शैतान है वह जो इंसानों का कत्ल करते हैं।
लहू की राह पर चलकर जन्नत नहीं मिलती।
परमानन्द राठौर गुराडिया वर्मा




