
जो वफ़ा हैं कि वफ़ा लगता हैं
वो मुहब्बत में खपा लगता हैं।।//१//
याद में जल के वह चला हैं जो
वो खपा हैं कि खपा लगता हैं।।//२//
जब सुनाई गज़ल भी उसने भी
हमको वह भी तो बुरा लगता हैं।।//३//
उसके ग़म में हुआ मैं भी पागल
दिल लगाना यार बुरा लगता हैं।।//४//
प्यार में पागल वो गिला लगता हैं
जिन्दगी में वो मिला लगता हैं ।।//५//
छाले पांवों में ही पड़े हैं उसके
जाने राही भी चला लगता हैं।।//६//
हमसे नाराज़ खपा लगता हैं
खो के वो प्यार जफा लगता हैं।।//७//
कनक




