
जय देव जय देव गणपति देवा
सुन लो मेरी कर दो रे कृपा
करता हूॅं मैं नित नित सेवा
सुन लो मेरी कर दो रे कृपा
जय देव जय देव गणपति देवा
तेरी शरण में आया हूॅं देवा
सुन लो मेरी कर दो रे कृपा
विघ्नों ने जीवन घेरा है मेरा
सुन लो मेरी कर दो रे कृपा
कष्टों को तुमने सबके मिटाया
फिर क्यों प्रभु मुझको भुलाया
जय देव जय देव गणपति देवा
कवि गीतकार-धीरज कुमार शुक्ला’दर्श’
ग्राम -पिपलाज, तहसील -खानपुर, जिला झालावाड़ राजस्थान


