
पंडित मदन मोहन मालवीय आप देश की शान ।
याद आपको सदा करेगा यह भारत देश महान ।।

पच्चीस दिसम्बर अठारह सौ इक्सठ जन्म आपने पाया ।
वो प्रयाग प्रतिष्ठित परिवार और ब्राह्मण कुल ही भाया ।।
पिता श्री ब्रजनाथ मालवीय पंडित अति विद्वान ।
पंडित मदन मोहन ………………………………१
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता , संस्कृत साहित्य के प्रवक्ता ।
नहीं आप सा दूजा कोई था उस समय तुम श्रेष्ठ प्रखर वक्ता ।।
तीन तीन बार सभापति बने है मिला बहुत सम्मान ।।
पंडित मदन मोहन ……………………………..२
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का , सुन्दर शिलान्यास करवाया ।
विद्या का आलोक अलौकिक यह , तब देश देशान्तर को भाया ।।
अध्यापक थे आप अद्वितीय , दर्शन धर्म पुराण का ज्ञान ।
पंडित मदन मोहन ……………………………..३
धवल वस्त्र धारण करते थे , सिर पर स्वाफा सुन्दर श्वेत था ।
पहन पादुका गति में तेजी , सत्पथ सनातन सुपावन लेत था ।।
किया आपने कर्म अलौकिक ,आपका देश करत गुणगान ।
पंडित मदन मोहन …………………………………४
डा. राजेश तिवारी ‘मक्खन’
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