साहित्य

साहिबज़ादों को करें नमन

नन्द किशोर बहुखंडी

कर ले आज नमन हम, गुरु गोविंद के सपूतों को,
जिनके बलिदानों से, देश का महका हर गुलशन।
इक्कीस से उनतीस दिसम्बर, क्या घटा भारत धरा में,
छिपा दिया उनका बलिदान, मिटा दिया इतिहास से।
सनातन धर्म को गर्त में, मिलाने का कुकर्म किया,
अन्य धर्मों को महान बता, इतिहास में गर्वित किया।
झुके न अधर्मियों सम्मुख, धर्म रक्षा में जान दी,
शीश कटाया अपना पर, शीश न झुकने दिया।
माता गुजरी अमर रहे, जिसने वीरों को जन्म दिया,
पीए अश्रु खून भरे पर, धर्म ध्वजा झुकने न दिया।
तेइस दिसम्बर चमकौर गढ़ी में, वो इतिहास लिखा गया,
सत्रह वर्ष अजित सिंह, चौदह वर्ष के जुझार सिंह शहीद हुए।।
अठाईस दिसम्बर का दिन ऐसा, महाबलिदानी दिन था वो,
सात साल जोरावर सिंह, फतेह सिंह पांच साल का था।
खड़े थे साथ दोनों भाई, क्रूर शासक ने चिनवाया दोनों को,
धर्म रक्षा होती है कैसे, भावी पीढ़ी को सिखा गए दोनों।
क्रूरता देख द्रवित हो गया, धरती, गगन और चमन,
वीर बालकों को आज, अर्पित करते हैं श्रद्धा सुमन।
आज चलो सब मिलकर बोलें, वीर जोरावर नमन नमन,
वीर जोरावर जय जयकार, वीर फतह सिंह जय जयकार।

स्वरचित नन्द किशोर बहुखंडी
देहरादून, उत्तराखंड

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!