
आ मध्य प्रदेश आदिवासी जिले के अद्भुत साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल की विश्व धरा पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध कृतियों में 15वीं कृति इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा प्रकाशित चर्चित रूह प्रेम कथाओं पर चर्चा बन गई अज सम्पूर्ण देश और दुनिया में छाई हजारों हजारों द्वारा सराही जा रही प्रतिदिन सचमुच ईश्वरीय रूह आशीष का अहसास कराती है
यह प्रमाणिक सत्य है कि उनकी प्रकाशित समाचार को बेहिसाब पढ़ा जा रहा है और बधाई और शुभकामनाएं बंटोर रहे हैं हजारों हजारों द्वारा साड़ी दुनियां के उनके लाखों चाहने वालों द्वारा सराही जा रहे हैं
डॉ रामशंकर चंचल ने अपनी इस ईश्वरीय आशीष रूह आशीष को महत्व देते हुए कहां कि, मेरा कोई धर्म नहीं जाति नहीं राजनीति नहीं मानव मात्र पशु पक्षी सभी को प्यार और प्रेम करता उन्हें प्रणाम करता सृजन शील हूँ यही वजह है कि मुझे चाहने वालों देश और दुनिया के लाखों लोग हैं जो सभी जाति धर्म और राजनीति पार्टी के हैं
मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है
मैं सभी मानव मात्र पशु पक्षी सभी को सत् सत् वंदन करता हूं कि मुझे इतना प्यार और आशीष दे रहे हैं सचमुच ईश्वरीय टुली है सभी को वंदन करते हुए ईश्वरीय से प्रार्थना है कि यह स्नेह प्यार और आशीष बना रहे ओर मुझे इतनी शक्ति दे कि मन का विश्वास कम नहीं हो आस्था विश्वास बना रहे




