
हर साल बीते आपके साथ,
एक साल और बिताया मैंने आपके साथ,
चलते-चलते राहें
आसान हुईं,
हर मोड़ पर पाया
आपका हाथ।
धूप में आपकी
छाया मिली,
अंधेरों में आप
उजियारा बने
समय चाहे जैसा भी रहा,
आपका साथ सहारा बना।
हर बीता पल एक
सीख दे गया,
हर आने वाला
विश्वास ले गया
यूँ ही चलें उम्र भर साथ-साथ,
इसी दुआ में रहे हर साल
पूनम त्रिपाठी
गोरखपुर ✍️




