
जीवन जीने के लिए,रखिए नेक विचार।
छोड़ो अब छल छंद सब,साजिश हैं बेकार।
जीवन जीने के लिए,प्रियजन भी हों साथ।
विपदा जब आए प्रभु, तब तुम देना हाथ।।
जीवन जीने के लिए, हो मन में उल्लास।
हरदम उत्साहित रहें, मन नहि रखें उदास।।
जीवन जीने के लिए,चलिए सच की राह।
खुशियों की संगत मिले,पूरी हो हर चाह।।
बीत गया अतीत हुआ,आगत का सत्कार।
शुभम् भाव मन में सजें,सपने हों साकार।
डॉ. नवनीता दुबे नूपुर




