साहित्य

नववर्ष मेरा ऐसा हो

अनामिका श्रीवास्तव

 

नव वर्ष मेरा ऐसा हो
कर्मठ कर्म करूं मैं निशिदिन
करूं मैं ध्यान साधना
ज्ञान विवेक बढे मुझमें
करता हूं मै यह प्रार्थना-2
आत्मविश्वास और तेज बढे
ममता,दया और करुणा भरे
दिल दरिया सा गहरा हो
प्रभु कृपा का पहरा हो -2
नववर्ष मेरा ऐसा हो
ऊर्जा से तन भरे
मन में खुशियां खूब बढ़े -2
कुसंगित को त्यागूं में
सच्चे मित्रों का साथ मिले
स्वस्थ जीवन से विकास मिले
बड़े जनों का साथ मिले-2
माता-पिता का आशीर्वाद हो
सज्जनों से संवाद हो
मन में भी प्रफुलता हो -2
हर दिन फूलों सा खिलता हो
नव वर्ष मेरा ऐसा हो

अनामिका श्रीवास्तव
जुग्गौर, चिनहट,लखनऊ

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