साहित्य

यात्रा संस्मरण ….

मधु माहेश्वरी

31 दिसंबर का दिन यानी 2025 का अंतिम दिन मगर साथ ही 2026 के स्वागत की बधाइयां भी माहौल में गूंज रही थी। हमने सोचा कि इस विशिष्ट दिन को अति विशिष्ट बनाने के लिए कोटिलिंगेश्वरा मंदिर जाया जाए और ईश-भक्ति के साथ ही जीवन में नव- शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार किया जाए।तो हम पहुॅंच गए सपरिवार कोटिलिंगेश्वरा मंदिर।
तो लिए चलिए आपको भी अपने साथ और वहाॅं की सैर कराते हैं …
कोटिलिंगेश्वरा मंदिर कर्नाटक के कोलार ज़िले में कम्मसंदरा में अवस्थित भगवान शिव का मंदिर है जहाॅ़ं पर कोटि यानी एक करोड़ छोटे-बड़े शिवलिंग अवस्थित है।मंदिर परिसर निजी वाहनों और टूरिस्ट बसों से खचाखच भरा हुआ था। वहाॅं के एक दुकानदार ने बताया कि शिवरात्रि, छुट्टी के दिन और विशिष्ट अवसरों जैसे नव वर्ष के मौके पर मंदिर में हज़ारों की संख्या में दर्शनार्थी पहुंचते हैं। मंदिर में प्रवेश का विशिष्ट निर्दिष्ट मार्ग है जहाॅं आपको टिकट लेकर प्रवेश मिलता है। दर्शन करके बाहर निकलने का भी निर्दिष्ट पॉइंट है।इसके पहले आप बाहर नहीं आ सकते। मंदिर में प्रदेश के साथ ही चारों तरफ छोटे-बड़े शिवलिंगम ही शिवलिंगम। जहाॅं तक नज़र जाती है केवल और केवल शिवलिंगम,एक अति अद्भुत दृश्य जिसकी कल्पना देखने की बाद ही की जा सकती है। इन शिवलिंगम के बीच में कहीं आपको हाथी की मूर्ति कहीं बजरंगबली की मूर्ति तो कहीं गणपति की मूर्ति देखने को मिलती है।
है तो ये शिव-मंदिर लेकिन यहां भगवान विष्णु,श्री राम, गणेशजी, साईं बाबा, ब्रह्मा जी और तिरुपति बालाजी के भी मंदिर है जहाॅं आप पूजा- अर्चना कर सकते हैं।
भव्य पुष्प-सज्जाऔर धूपबाती की महक धार्मिक परिवेश को और भी अद्भुत बना रही थी। यहाॅं की एक और खा़सियत 33 मीटर यानी 108 फीट ऊॅंचा शिवलिंग जो संभवतः विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग है। साथ ही 11 मीटर ऊंची विशाल नंदी की प्रतिमा भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही थी ।
यूॅं तो कोलार गोल्ड माइन के लिए प्रसिद्ध है लेकिन 1980 में स्वामी सांबा शिवामूर्ति ने यहां कम्मसंदरा में शिवलिंगम स्थापित करने शुरू किये इस भावना के साथ कि जैसा वृहद शिव का स्वरूप है वैसा ही विराट स्वरूप मंदिर का भी होना चाहिए और यहाॅं एक करोड़ लिंगम स्थापित होने चाहिए। सुखद आश्चर्य कि भक्तों ने यहां लिंगम स्थापित करने शुरू कर दिए और देखते ही देखते कोटिलिंगेश्वरा मंदिर अपने भव्य स्वरूप में दर्शनार्थी और श्रद्धालुओं का आस्था-स्थल बन गया।अगर आप कर्नाटक भ्रमण पर आते हैं तो इस मंदिर के दर्शन जरूर करें।
मधु माहेश्वरी
गुवाहाटी
असम

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