साहित्य

बंजर धरती कहे पुकार

ज्ञान विभूषण डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

बंजर धरती कहे पुकार,पेड़ लगा कर करें श्रृंगार।
हे मानव तू गलत न कर,बिना पेड़ जीवन बेकार।।

इस धरती से दूर हो रही,रोज प्राकृतिक हरियाली।
नित्य कट रहे पेड़ व जंगल, मिटती है ख़ुशहाली।।

जीवन के लिए हैं वृक्ष जरूरी,उन्हें यार मत काटो।
और ना ही नाले तालाबों,को कूड़े कचरे से पाटो।।

पॉलीथीन का थैला छोड़ो,पृथ्वी पर ये रहम करो।
कभी नहीं ये गलती सड़ती,धरती पर रहम करो।।

नाली-नाले करती चोक है,और जहर फैलाती है।
बरसातों में इसीलिए तो,ये गन्दगी बजबजाती है।।

नदियां भी रहें प्रदूषित,खेत उर्वराशक्ति ह्रास करे।
माँ गंगा की निर्मलता,इस दुष्प्रभाव से ह्रास करे।।

बंद करो खाली हाथों,अब हाट बाजार का जाना।
कपड़ा वाला थैला लेकर, साथ में ही अब जाना।।

पेड़ सहायक होते हैं यह,वर्षा ऋतु को भी लाने में।
पृथ्वी का कटाव भी रोकें,रोकें अतिबाढ़ आने में।।

वृक्षारोपण करें सघन और, धरती को स्वर्ग बनायें।
खेतों और खलिहानों में, फिर अपना अन्न उगायें।।

जागरूक हो कर के अपना,खुद का धरम निभायें।
सुखमय हो भविष्य भी,और ये पर्यावरण बचायें।।

नैसर्गिक प्रकृति हमारी है,ईश्वरका अनुपम उपहार,
सब चीजों की करें सुरक्षा,एवं प्रकृति से करें प्यार।

आओ लें संकल्प आज ये,स्वच्छ रखेंगे हम भारत।
नहीं करेंगे स्वयं गन्दगी, स्वस्थ्य रखेंगे हम भारत।।

होगा स्वप्न साकार तभी,पर्यावरण शुद्ध बनाने का।
इच्छा शक्ति हो प्रबल अगर,ये संकल्प निभाने का।

इंटरनेशनल प्रेसीडेंट,वीवीएस शर्मा का ये नारा है।
पृथ्वी हरीभरी होजाये,पेड़ लगायें फर्ज हमारा है।।

विश्व वन दिवस पर आयें,हम यह दृढ़ संकल्प करें।
सुरक्षित रहेगा ये जीवन, सघन वन संरक्षित करें।।

ज्ञान विभूषण डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी. कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
पूर्व इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर-नार्थ इंडिया
एलायन्स क्लब्स इंटरनेशनल

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!