
मेरे लिए वो कमाल तुझे देख कर हुआ
हमदम से भी मलाल तुझे देख कर हुआ।।
थे ख़्वाब भी हसीन जहां में नजर ख़ुदा
जज़्बात पे है जमाल तुझे देख कर हुआ।।
अब तलक आप से ख़ुद नाराज़ हो रहा
सारे शहर में ही बवाल तुझे देख कर हुआ।।
सारा जवाब ख़्वाब में ग़मगीन इतना है
यूं बहकता सा ये हाल तुझे देख कर हुआ।।
रूठा हुआ नसीब था किस्मत में क्या है वह
फ़िर मुझ से इक सवाल तुझे देख कर हुआ।।
कनक




