आलेख
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सत्य का मुंह काला और झूठ का बोलबाला
धर्म, अध्यात्म और योग-साधना के क्षेत्र में सिद्धि और प्रसिद्धि का बड़ा गड़बड़झाला मौजूद है। जिनके पास प्रसिद्धि होती है,…
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आधुनिकरण की दौड़ में दम तोड़ता संस्कार
आज के समय में आधुनिकरण की दौड़ में देश विकास की ऊँचाइयों की ओर जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा…
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विकास की दौड़ में पिछड़ता भारत
भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों का स्वरूप समय के साथ काफी बदल गया है। पहले जहां चुनाव विचारधाराओं, दीर्घकालिक विकास…
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डिलीट होती चिट्ठियाँ
संदेशों का संसार बड़ा रोमांचकारी है। संदेश हमारी भावनाओं को स्पंदित, उद्वेलित करते हैं। सुखद संदेश हमें खुशियों के आशावान…
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सरहद के सिपाही जैसे जज़्बे के साथ काम करते मेडिकल रिप्रजेंटेटिव
सुप्रिया डेस्क/दवा उद्योग की चमकदार दुनिया के पीछे एक ऐसा पेशा भी है जो लगातार संघर्ष, अनुशासन और त्याग…
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रोबोडॉग विवाद : तकनीक, पारदर्शिता और प्रतिष्ठा का टकराव
तकनीकी उपलब्धियों के इस युग में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति माना जा रहा…
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कबीरा खड़ा बाजार में
आज भोगवाद का युग है । संचय और संग्रह आज के जीवन की कटु सच्चाई है। बिना इसके आप का…
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अधिवक्ता और डॉक्टर: मानवता की सेवा में ईश्वर का स्वरूप
पटना। समाज में कुछ पेशे ऐसे होते हैं, जिनका महत्व केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे सीधे मानव…
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आचार्य शीलक राम के दर्शन में नैतिकता और आधुनिकता का द्वंद्व
इक्कीसवीं सदी को आधुनिकता, वैज्ञानिक उन्नति और अभूतपूर्व विकास का युग कहा जाता है। मनुष्य ने अंतरिक्ष को नापा, कृत्रिम…
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पर्व-त्योहारों पर कानूनी सावधानी ज़रूरी
पर्व-त्योहार खुशियों, मेल-मिलाप और उत्सव का समय होते हैं, लेकिन ज़रा-सी लापरवाही कानूनी परेशानी में बदल सकती है। इस संदर्भ…
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