साहित्य
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देखते हैं कौन जीतता है
मै सदा ही बोलता हूँ तुम हूँ हूँ करती अच्छा लगता हैं यही अच्छा लगने लगा मन को बहुत ही…
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फूलों से सीखें
काँटो के बीच रहकर भी, फूल सदा मुस्कुराती , खुशी और खुशबू सदा दुसरों पर लुटाती। विपरीत परिस्थितियों में भी,…
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शास्त्री जी की पुण्यतिथि
यू.पी. में वाराणसी , उसमें मुगलसराय। दो अक्तूबर चार को,जन्म लियाथा आय।। * डेढ़ वर्ष की आयु में , पिता…
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मीनाक्षी की कलम से स्वरचित कविता
मीनाक्षी की लोहड़ी की अग्नि में मैने चिंताओं को जलाया ।। रोग शोक को दूर भगाया ।। …… रेवड़ी की…
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विवेकानंद
हीरा की खान से निकला, नाम पड़ा विवेकानंद पिता थे विश्वनाथ, पाश्चात्य संस्कृति को मानते,, अतिथि सेवा का भाव उनका,…
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कहे विवेकानंद जी
वीर विवेकानंद का, जन्म मनाएँ आप l माल चढ़ा प्रिय चित्र पर,करें ध्यान औ’जाप ll ध्यान नित्य करते रहे,…
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भारत का विश्व को दिया एक अनमोल उपहार है हिन्दी
*1।।* हिन्दी में भरा रस माधुर्य कवित्व और मल्हार है। हिन्दी में भाव और संवेदना अभिव्यक्ति भी अपार है।। हिन्दी…
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चित्रकूट की भूमि को
चित्रकूट की भूमि को, करिये आप प्रणाम l करें राम का ध्यान तो, बनता है सब काम ll प्यारा…
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मेरे एहसास
फिर से तुम्हारी बातें मेरी रूह को स्पर्श कर गई आंखों से आंसू बहने लगे जज्बात उमड़ पड़े यूं लगा…
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बस धीरज का छोर न छूटे
क्यूॅं चेहरा दिखता लूटे लूटे , कभी आस का डोर न टूटे । जीवन का डोर आस लगा ,…
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