साहित्य

  • जय अम्बा

    धारण सिंदूरी वर्ण वसन शोभायमान शार्दुल वाहन उर अलंकृत अनुपम हार सुसज्जित सम्पूर्ण सिंगार मांग सिंदूर पूर्ण विराजित रत्न जड़ा…

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  • मन में उमड़ने लगा उत्तरायण

    सूर्य भगवान हुए उत्तरायण पूस ने बाजी हारी, ढलने लगी कोहरे की चादर कलियों ने कर ली तैयारी, नींद से…

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  • रामचरितमानस सर्वश्रेष्ठ श्रुति है

    रामचरितमानस मात्र ग्रंथ नहीं है, चारों वेद, अठारह पुराणों और सभी छ: शास्त्रों का सार तत्व है, मानव जीवन का…

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  • नफरत का मंजर

    नफरत का बेखौफ मंजर देख रहे हैं संसार के अंदर, कहां गए सारे धर्म ग्रंथ? यह कैसा है अंतर्द्वंद। हिंसा…

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  • फायकू ऋतुराज वसंत

    सुनो सखी सुनो बंधु ऋतुराज वसंत आया तुम्हारे लिए पीली ओढ़नी संग लाया ओढ़ धरा मुस्काती तुम्हारे लिए प्रात: की…

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  • लिखूँ जो खत तुझे

    लिखूँ जो खत तुझे,मैं तेरे नाम से। जाएगा वो कहाँ? जो पता ही है नहीं।। कहता हूँ मैं,मेरा दिल तेरे…

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  • कर्मवीर

    तोड़ दो सारे नापाक वो जंजीरे जो तेरे इरादे पे लगाये    ताला छोड़ दो सारे नाकाम वो सहारे जो…

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  • जिंदगी का सफर

    खुद की तलाश खुद के लिए ही कर रहा हूं। जीवन सफर पर खुद को लेकर चल रहा हूं। कौन…

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  • बिदाई

    कौन कहता है बेटियों की बिदाई मायके से बस एक बार होती है, माँ-बाप जब तक, रहते है हर विदा…

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  • पैसा

    पैसा छलता जीव को,भर देता अभिमान। बैर कराता है कहीं, कहीं दिलाता मान।। देख पैसे की माया। पलटता पल में…

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