
नई जोश है, नया सफ़र है,
और है नई कहानी, हम हिंदुस्तानी! 2……..
कह दो यारों अलविदा
2025 को करो विदा
भाईचारा क़ायम रखो
अपनों से न हो जुदा
नये वर्ष में हो प्रवेश हर
भारतवासी की निशानी
हम हिंदुस्तानी। 2……….
कुछ ऐसा आग़ाज़ करें
वक़्त नहीं बरबाद करें
हँसते-खेलते अंबर में
उठो अभी परवाज़ करें
दुनिया को दिखला देना है
अपनी प्रीत पुरानी!…..
हम हिंदुस्तानी। 2……….
मुश्किल राह आसान हो
हर समस्या का समाधान हो
वर्ष नया हो नई उमंगें
क़दमों में फ़िर आसमान हो
जीवन की परिभाषा “रहमत”
जन-जन को बतलानी!…..
हम हिंदुस्तानी। 2……….
शेख रहमत अली “बस्तवी”
बस्ती (उ. प्र.)
7317035246




