साहित्य

घन बरसे चहू ओर

श्रीनिवास एन

सहसा बादल छा जाता है

नभ काले काले बनता है

इससे मेघ गर्जन करता है

और बिजली चमकती है

मूसलधार से वर्षा पड़ता है

 

वर्षा चहू ओर बरसते हैं

इसे पेड़ पौधे कांप लगते हैं

और गड्डे , नदी भर जाते हैं

इससे प्रकृति शोभा बढ़ते हैं

वातावरण बदले है वर्षा से

 

बादल बरसे चहू ओर

इससे वर्षा बहता है जोर

नदी ,तालाब में पानी भर

सब का मन प्रसन्न होकर

भूमि होता है खुशबूदार।

 

 

 

श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश

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