साहित्य

जाने वाले साल के लिए विदाई गीत

नीलम अग्रवाल "रत्न"

ऐ जाने वाले साल
फरियाद मेरी सुनता जा
बहुत हुआ गमों का सिलसिला
इन्हें अपनी झोली में समेट कर ले जा
ऐ जाने वाले साल
फरियाद मेरी सुनता जा
मिटा दे सबके दिलों से गिला
सभी को प्रेम भाव के पाठ पढ़ा जा
ऐ जाने वाले साल
तू बेशक खुशी खुशी जा,
लेकिन दुश्मनी की तलवारें अपने साथ ले जा
ऐ जाने वाले साल
देख तुझे भी जल्दी है जाने की
क्योंकि दर्द तो तुझे भी बहुत मिला
मारे गए कितने निर्दोष
कितने घर हुए बर्बाद
बेजुबानों का भी कलेजा हिला
ऐ जाने वाले साल,
मिटा दे नफरत जैसे शब्द को
धर्म और अहिंसा का पाठ पढ़ा जा
ऐ जाने वाले साल, तू साक्षी है उन पलों का
जब हमारी उन बहनों की, बेटियों की, अस्मत गई
जिनका जीवन कुछ बहसी दरिंदों ने बर्बाद किया
आखिर इनसे था कैसा सिला 😭
इस दरिंदगी को, इस वहशीपन को
खत्म करता जा
ऐ जाने वाले साल, फरियाद मेरी सुनता जा
ये जान जो हथेली पर रहती है सबकी,
इस भय को तू दूर करता जा
ऐ जाने वाले साल,
शिकायतें तो बहुत हैं तुझसे, लेकिन तुझे भी क्या कहें,
ये सब तो शायद कर्मों का फल मिला
चलो छोड़ें ये शिकायतों का सिलसिला
बस तू इतनी सी फरियाद सुनता जा
कि आने वाले साल को इतनी दुआएं दे जा
कि अमन और शांति के रंग हों,
सबके घरों में खुशियों के दीप जलते रहें
ऐ जाने वाले साल, फरियाद मेरी सुनता जा
अपनों को अपनों से मिला जा
ईर्ष्या और द्वेष को मिटा जा
ऐ जाने वाले साल,
मुझे पता है तू कभी लौट कर नहीं आने वाला,
इसलिए
क्रोध की अग्नि को अनन्त काल के लिए अपने साथ ले जा
ऐ जाने वाले साल, बस इतनी सी फरियाद पूरी करता जा
बस इतनी सी फरियाद पूरी करता जा

नीलम अग्रवाल “रत्न” बैंगलोर
🙏

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