लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी महीपाल सिंह की धर्मपत्नी रामादेवी के निधन पर हुई श्रद्धांजलि सभा

सम्भल । लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी महीपाल सिंह की धर्मपत्नी रामादेवी के निधन होने पर हिन्दू जागृति मंच की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। दो मिनट का मौन धारण कर पुनीत आत्मा को चिर शांति के प्रार्थना की गई।
तहसील रोड पर सूरज प्लाजा में हिन्दू जागृति मंच द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में हिंदू जागृति मंच के सदस्य तथा अन्य सदस्यों ने उनके चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। दो मिनट का मौन धारण करके रामादेवी की आत्मा की शांति हेतु सामूहिक प्रार्थना की गई।
सरस्वती विद्या मंदिर संभल के संस्थापक अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि आत्मा अजर अमर अविनाशी है। भाजपा नेता चरन सिंह भारती ने चौधरी महीपाल सिंह द्वारा धर्म जागरण, समाज जागरण और संभल जागरण का विस्तृत विवरण रखते हुए इन सब कार्य में उनकी स्वर्गीय पत्नी रामादेवी का विशेष योगदान बताया। श्रीमद्भगवद्गीता मनीषी स्वामी कृष्णानंद झा ने कहा कि जिस का जन्म होता है उसकी मृत्यु निश्चित है और जिसकी मृत्यु होती है उसका जन्म निश्चित है। इस आवागमन से मोक्ष प्राप्त करने का उचित उपाय और माध्यम है श्रीमद्भगवद्गीता। उन्होंने गीता का संदेश और सार बताते हुए चौधरी परिवार को शोक न करने का आग्रह किया और परमपिता परमात्मा से चौधरी महीपाल सिंह की धर्मपत्नी की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की। डॉ अरविंद कुमार गुप्ता, विशन लाल, बी पी सिंह चाहल, अरविंद शंकर शुक्ला, सुभाष चंद्र शर्मा, सुबोध शर्मा, सत्यवीर सिंह पाल, अमर रस्तोगी, विष्णु प्रसाद, अनंत कुमार अग्रवाल, महावीर सिंह, लवकेश देवल, अरविंद सिंह, आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। लोकतंत्र रक्षक सेनानी एवं समाजसेवी चौधरी महीपाल सिंह ने अपने द्वारा समाज हित समर्पित जो भी आंदोलन, समाज सेवा तथा धर्म जागरण किया उस सबका श्रेय अपनी दिवंगत धर्मपत्नी श्रीमती रामा देवी को दिया। सभी उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन धारण कर परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की कि श्रीमती रामा देवी की आत्मा को प्रभु चरणों में स्थान प्रदान करें और चौधरी परिवार को बज्राघात सहन करने की सामर्थ्य प्रदान करें। सामूहिक रुप से शांति पाठ का उच्चारण किया गया।श्रद्धांजलि सभा का संचालन हिन्दू जागृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने किया।



