
लोहे जैसी इच्छाशक्ति,
‘भारत के लौह पुरुष’ कहलाएँ आप!
अंत के तम में,न बुझे वो अरमान आप!
माँ, भारतीय के हैं! अतुल वरदान आप।
थी किसान आंदोलन की यात्रा,
जिसने आपको जननेता बना दिया।
कुशल वकील के मजबूत इरादे थे,
आपने मजबूत राष्ट्र स्थापित कर दिया।
562 रियासतों को भाई पटेल ने
भारत में, शांतिपूर्वक शामिल किया
जब मिली उपाधि सरदार’ की,
वल्लभ भाई को सरदार बना दिया।
31अक्टूबर 1875 जन्म तिथि,
आप आभा रत भारत भाग्य विधाता,
15 दिसंबर 1950 पुन्य तिथी आपकी
आप गौरव भाल अखंड भारत निर्माता।
आपने देश को दिखाया राजनीति
का मतलब सेवा है, सत्ता नहीं,
आदर्श आपका जीवन सरल विचार कठोर,
कर्म से करो, राष्ट्र निर्माण शब्दों से नहीं।
✍️ कविता ए झा
नवी मुंबई




