
सात सुर लय तान, सृजन है सृष्टि गान,
सप्तरंग में समाया,जग का प्रकाश है।
लाल रंग साहस का,आँखों में विश्वास का,
प्रेम प्यार का प्रतीक,जीव का विकास है।
केसरिया त्याग जान,सप्तरंग ऊँचा मान,
माटी माँ के चरणों में,तन- मन आस है।
पीला वैरागी सा डोले,सप्तरंग हँसी घोले,
दुख काली रात हटे,सुख भोर पास है।
हरा रंग हरियाली ,सप्तरंग खुशहाली,
धरती मनका जोड़,श्रम सच्चा गान है।
नीला रंग गहराई, सप्तरंग की है छाई,
सत्य पथ पे धीरज, मन राह मान है।
जामुनी चिंतन बन सप्तरंग का है ज्ञान,
मन अँधियार हरे,दीप पहचान है।
सप्तरंग रचा गीत, जीवन का है मीत,
एकता का भाव दिखा,रंगो का ही ध्यान है।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार




