साहित्य

डीके शर्मा की अष्टम पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय काव्य संगम महोत्सव का आयोजन

 

हिंदू जागृति मंच के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय डी.के. शर्मा की अष्टम पुण्य स्मृति में राष्ट्रीय काव्य संगम महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मां शारदे और डी.के. शर्मा के चित्र पर दीप प्रज्वलित करके नेहा मलय ,मीनू रस्तोगी एवं अजय कुमार शर्मा ने किया। भिवाड़ी हरियाणा से आई कवियत्री नेहा बागड़ी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई ।औरैया से आए प्रमोद तिवारी ने सुनाया- बिन बेटी सुना लगे घर आंगन संसार ,लाडो तुमसे ही रहा ,अब तक यह गुलजार, चंदौसी के दिनेश पाल सिंह दिलकश ने सुनाया- मेरे जीवन में तुम आ तो जाओ प्रिय, हम दोनों का जीवन संभर जाएगा। बिहार के कटिहार से आए कुमार प्रभास ने पढ़ा – ललाट पर लगाकर एक तिलक विश्वास का ,अभी बहुत कुछ करना है जीवन में। अलीगढ़ से आए गाफिल स्वामी ने सुनाया- प्रेम की राह में हार है जीत है, प्रेम ही जिंदगी का मधुर गीत है। दिल्ली से आए भागीरथ सिन्हा ने पढ़ा- मैं दवाए हूं कितना ही जज्बात को, तुम मिलो तो मेरा दिल बहल जाएगा। मेरठ से उपस्थित रचना बनिया ने पढ़ा-अंधेरे सब दूर हुए हैं, आकर गुरु दरबार में। नितिन तुमको शीश झुकाए , नाव फंसी मंझदार में।संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदू जागृति मंच के लंबे समय से अध्यक्ष रहे डी. के .शर्मा, सरल व्यक्तित्व थे जो कि साहित्य में रुचि रखते थे उनकी स्मृति में राष्ट्रीय काव्य संगम महोत्सव आयोजित करके ,हिंदू जागृति मंच ने उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी है, इस अवसर पर अनुराग गुप्ता, नेहा मलय, शिव शंकर शर्मा, अरविंद गुप्ता, सुखपाल सिंह गौर, दिनेश पाल सिंह दिलकश, एल.के.विकास कुमार मिश्र, अमित यादव श्याम, शांति राणा शांति, ज्ञान सिंह प्रीत्कार, शिखा रावत बुलबुल, सोनू सागर, विवेक त्रिपाठी विकेट, मुकेश कुमार दीक्षित शिवांश,संजीव सारस्वत, अनंत कुमार अग्रवाल, निशिकांत तिवारी, अजय गुप्ता सर्राफ, पूनम शुक्ला, के .के.मिश्रा, महावीर सिंह, विशन लाल, प्रिंस शर्मा, चरण सिंह भारती, निखिल शर्मा, सुबोध कुमार पाल, विकास वर्मा, अरुण अग्रवाल, पंकज गुप्ता, मीनू रस्तोगी, कबीर सिंह पाल, प्रदीप तिवारी, नवरत्न वार्ष्णेय, उज्जवल वशिष्ठ, इशांत शर्मा, भारत मिश्रा, राजेंद्र गुर्जर, बबीता शर्मा, आशा गुप्ता, सुनीता यादव आदि लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन , अतुल कुमार शर्मा, सुखपाल सिंह गौर,सुबोध कुमार गुप्ता एवं उज्जवल वशिष्ठ ने संयुक्त रूप से किया।

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