
शौर्य नाम दिया है तुमको
कुल को रोशन तुम करना।
लोहे से सीख के तपना
खुद में ताकत भर लेना।
सूरज से नित ऊर्जा लेना
सर्वश्रेष्ठ तुम बन जाना।
सोने जैसा आग में तपकर
निखर प्रखर सर्वोत्तम बनना।
नदियों सा निर्मल जीवन में
त्याग समर्पण कर बढ़ लेना।
मानव जन्म लिए तुम शौर्य
कठिन मार्ग सुगम कर लेना।
हर संकट का हल है संभव
आज नहीं तो कल कर लेना।
डॉ. पुष्पा सिंह




