साहित्य समाचार

बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस पर मकस कहानिका यू.पी. अध्याय पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन

शिखा गोस्वामी निहारिका

मकस कहानिका यू.पी.अध्याय द्वारा आयोजित बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस पर आभासी अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 25 जनवरी 2026, संध्या 6.00 बजे आयोजित कार्यक्रम का सफल संचालन चंद्र प्रकाश गुप्त ‘चंद्र’ ने किया। सर्वप्रथम डॉ. शिखा एवं रेणु बाला धार द्वारा भावपूर्ण सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। अनामिका शर्मा ‘अनु’ द्वारा प्रस्तुत मधुर गणेश वंदना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके बाद श्याम कुंवर भारती ने देवी गीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंशिका श्रीवास्तव द्वारा मनोहारी स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया तथा प्रीति विश्वकर्मा ने प्रभावशाली स्वागत भाषण देकर सभी अतिथियों एवं कवियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जय कृष्ण मिश्रा,विशिष्ट अतिथि सत्येंद्र नाथ गुप्ता (अबूधाबी),विशिष्ट अतिथि सुधीर श्रीवास्तव (गोण्डा, उत्तर प्रदेश) तथा सभा अध्यक्ष एवं संयोजक श्याम कुंवर भारती (प्रधान संपादक) ने अपने विचार रखते हुए साहित्य की सामाजिक भूमिका, राष्ट्रप्रेम और संस्कृति संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही मकस कहानिका द्वारा संचालित साहित्यिक गतिविधियों पर भी सार्थक चर्चा की गई।
इसके उपरांत बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित काव्य पाठ का शुभारंभ हुआ। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रतिष्ठित कवियों ने सहभागिता की, जिनमें
डॉ. शिखा गोस्वामी निहारिका, अनामिका शर्मा ‘अनु’, कल्पना कुमारी, विनोद कुमार वर्मा, डॉ. प्रतिभा प्रकाश, कवि माँगी लाल मरमिट , कृति तिवारी, रेणु बाला धार, सुधीर श्रीवास्तव, शिव प्रसाद, ममता झा ‘मेधा’, निर्मला कर्ण, पं. विनय शास्त्री, टी. सी. महतो, डॉ. छोटे लाल सिंह चौहान ‘अमर राय’, पुष्पा पांडेय, राज किशोर बाजपेयी ‘अभय’, डॉ. दीप्ति खरे, मीना अग्रवाल, स्वर्ण लता त्रिवेदी, जगन्नाथ पांडेय, मिताली श्रीवास्तव वर्मा, श्याम कुंवर भारती, डॉ. निराला पाठक, संगीता वर्मा, जितेंद्र गोस्वामी, मधुमिता साहा एवं रजनी कटारे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
सभी कवियों ने बसंत ऋतु की सरसता, देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक रचनाएँ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान सहभागियों में विशेष उत्साह और साहित्यिक ऊर्जा देखने को मिली।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रतिभा प्रकाश (राज्य प्रभारी, यूपी अध्याय) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ यह सफल, गरिमामय एवं स्मरणीय आभासी कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का सशक्त संगम बनकर सभी के मन में अमिट छाप छोड़ गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!