
1
हर रंग से हमें रंगीन हिंदुस्तान चाहिए।
खिलते बाग बहार सा गुलिस्तान चाहिए।।
चाहिए विश्व में नाम ऊँचा भारत का।
विश्वगुरु भारत का ऊँचा सम्मान चाहिए।।
2
मंगल चांद को छूता भारत महान चाहिए।
अजेयअखंड विजेता सा हिंदुस्तान चाहिए।।
दुश्मन नज़र उठा कर देख भी न सके।
हर शत्रु का हमको काम तमाम चाहिए।।
3
हमें गले मिलते राम और रहमान चाहिए।
एक दूजे के लिए प्रणाम सलाम चाहिए।।
चाहिए हमें मिल कर रहते हुए सब लोग।
एक दूजे के लिए दिलों में एतराम चाहिए।।
4
एक सौ पैंतीस करोड़ सुखी अवाम चाहिए।
कश्मीर कन्याकुमारी प्रेम का पैगाम चाहिए।।
चाहिए विविधता में एकता शक्ति दर्शन।
अपने देश का सम्पूर्ण संसार यशोगान चाहिए।।
5
पुरातन संस्कार मूल्यों का गुणगान चाहिए।
हर भारतवासी चेहरे पर गर्व मुस्कान चाहिए।।
चाहिए गौरव अभिमान अपने देश भारत पर।
हर धड़कन हिन्दी,हिन्द का ही पैगाम चाहिए।।
रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।




