
वसंत बहार बन कर आना,
फूलों की माला लेकर आना।
हरियाली की चादर ओढ़कर,
सबके जीवन में खुशहाली लाना।
प्रकृति की सुंदरता को दिखाना।
फूलों की खुशबू को बिखेरना।
नई उम्मीदें एक सुखद उल्लास भरे,
मुर्झाये चेहरे पर नई ताजगी लाना।
वसंत बहार बन कर आना।
पीली सरसों की वालियां लाना।
गेहूं के दानों से खेत भर जाए,
फागुनी बयार बह सबको हर्षाना।
वसंत बहार का जादू चलना।
कोयल कूके, भँवरों का गुनगुनाना।
आम ,महुए पर मोजर महमहाती,
प्रेम और अनुराग भाव सिखलाना।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार



