
“”राजनीती का खेल देखिए,
ठगों की रेलमरेल देखिए,
जानता बेचारी समझ ना पायी,
सर पे रख कर तेल देखिए।
नेता,अभिनेता एक समान से,
पुलिस, बाघ में फर्क नहीं है,
जज, वकील करते वर्कआउट न्याय वास्ते तर्क नहीं है।।
डॉ नवीन मौर्या “फायर बनारसी “काशी।

“”राजनीती का खेल देखिए,
ठगों की रेलमरेल देखिए,
जानता बेचारी समझ ना पायी,
सर पे रख कर तेल देखिए।
नेता,अभिनेता एक समान से,
पुलिस, बाघ में फर्क नहीं है,
जज, वकील करते वर्कआउट न्याय वास्ते तर्क नहीं है।।
डॉ नवीन मौर्या “फायर बनारसी “काशी।