खोर और बंजर जमीन पर अवैध कब्जा।
राजस्व टीम विपक्षी के दबाव में कर रही पैमाइश
आजमगढ। बुढ़नपुर तहसील के अंतर्गत अहरौला थाना क्षेत्र की गहजी गांव जहां 52 साल बाद चकबंदी प्रक्रिया 2025 में पूर्ण की गई है लेकिन कहीं ना कहीं चकबंदी प्रक्रिया में खामियों के चलते तमाम विवाद की परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं गहजी कलवरिया गांव निवासी सुधाकर चौबे पुत्र राममूर्ति चौबे व राजकुमार चौबे पुत्र इंद्रबहादुर चौबे जिलाधिकारी और एसडीएम को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है कि मकान के बगल में सरकारी खोर और बंजर जमीन है जिसे कुछ विपक्षियों ने मकान बनाकर अवैध कब्जा किये है जिससे रास्ता अवरूद्ध है इसके पहले भी पैमाइश के लिए राजस्व टीम गठित की गई थी लेकिन राजस्व टीम ने पैमाई को दबाव मे अधूरा छोड दिया पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं था और पुनः जिलाधिकारी और एसडीएम बूढनपुर को पारदर्शी ढंग से टीम गठित कर पैमाइश की मांग की थी एसडीएम बुढनपुर के निर्देश पर राजस्व टीम गठित की गई थी जो बीते शुक्रवार को नापी करने पहुंची थी लेकिन पीड़ित पक्ष के सुधाकर चौबे और राजकुमार चौबे का आरोप है की गठित राजस्व टीम के द्वारा अपने मनमानी और विपक्षियों के पक्ष में काम किया जा रहा था इतना ही नहीं पीड़ितों पक्षों का कहना है कि जब लेखपाल से मौके पर सही पैमाइश करने की बात कही गई तो लेखपाल द्वारा असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया टीम के द्वारा विपक्षियों से मिलकर प्रलोभन और प्रभाव में काम किया जा रहा है और मौके पर काफी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है शनिवार को तहसील दिवस पर भी पीड़ित राजकुमार चौबे के द्वारा तहसील दिवस प्रभारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है और मौके पर तहसीलदार या एसडीएम स्तर के अधिकारी के साथ राजस्व टीम पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर खोर और बंजर जमीन से कब्जा हटवा कर आवागमन सुचारू ढंग से शुरू कराया जाए।
इस संबंध में एसडीएम बुढनपुर अभयराज पांडे का कहना है कि मामला संज्ञान में है इसे गंभीरता से दिखाकर इसका निराकरण कराया जाएगा कहीं भी सरकारी खोर और बंजर जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


