
पोते ने दादा से पूछा,
मुझको यह समझाओ,
मुँह में राम बगल में छुरी
इसका अर्थ बताओ।
दादा बोले कोई हमसे
बातें मीठी करता,
मगर पीठ के पीछे जाकर
खूब बुराई करता।
ऐसे व्यक्ति के बारे में
यही कहा तब जाता,
मुँह में राम बगल में छुरी
शर्म बेच यह खाता।
मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ० – 8433013409
दिनांक- 6-2-2026




