साहित्य

मां कुष्मांडा देवी

संगीता वर्मा

मातरानी दुर्गा के चौथे रूप में
कुष्मांडा देवी के रूप में पूजा जाता है।

भक्ति का भंडार है शक्ति का संसर है मैया
नमन है माँ के चरणों में मेरी
मुक्ति का दरबार है मैया।

हम सब तेरे भक्त है मैया
तू ही मेरी प्यारी मैया
चंदा के जैसा मुखड़ा है तेरा मैया
नयनों में ममता और दया है मैया।

तेरी सूरत हर पल निहारूं
तेरी ही काया और माया है मैया
रूठो ना हमसे ओ प्यारी मैया
हम सब तेरे भक्त तू मेरी मैया है।

लाल-लाल रेशम की तेरी
चुनरी है मैया
गले के बीच फूलो की
माला है मैया।

मोती जड़ी तेरी नथुनी है मैया
तुझसे ही जग में उजियारा है मैया।

पार लगा दो अब मेरी
नइया मैया
तू ही सागर तू ही खेवईया
है मेरी मैया।

हम सब तेरे भक्त है
मैया तू ही मेरी प्यारी
मैया,,।।।

संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश

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