मधु माहेश्वरी (गुवाहाटी, असम)के नाम एक और विश्व रिकॉर्ड दर्ज

मधु माहेश्वरी हिंदी साहित्य -जगत का एक उभरता और प्रखर नाम हैं। गुवाहाटी, असम की निवासी मधु जी न केवल एक संवेदनशील कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि आकाशवाणी (AIR) की उद्घोषक के रूप में अपनी आवाज़ के माध्यम आपने वर्षों तक देश के सैनिकों का ट्रूप्स प्रोग्राम के ज़रिए मनोरंजन किया है। आपकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, नैतिक मूल्य और सत्य- सनातन संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

1. अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमान: ‘दुर्गायन’ और यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला और संस्कृति न्यास ‘साहित्योदय’ द्वारा आयोजित ‘दुर्गायन अखण्ड काव्यार्चन’ में मधु माहेश्वरी जी ने गौरवशाली उपस्थिति दर्ज कराई। 21-22 मार्च, 2026 को आयोजित 24 घंटे के अनवरत काव्य -अनुष्ठान में आपने सक्रिय भाग लिया। इस आयोजन को ‘यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में स्थान मिला है। यह साहित्योदय का पांचवां विश्व रिकॉर्ड है।साहित्योदय पिछले कई वर्षों दुनियाभर में साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत है। साहित्योदय आज की पीढ़ी को सत्य सनातन, वेद पुराण, राष्ट्राचेतना, देशप्रेम और मानवता के प्रति सृजन हेतु प्रेरित कर रहा है। विभिन्न विषयों पर लेखन, प्रकाशन के साथ -साथ उसी धरा पर लोगों का काव्यपाठ और तीर्थाटन करवाने की महती भूमिका निभा रहा है। साहित्योदय से दुनियाॅं भर के लाखों रचनाकार, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोग जुड़े हैं। इस आयोजन की सफलता में आपकी भक्तिमय प्रस्तुति के लिए आपको ‘आद्यशक्ति सम्मान’ एवं ‘वीणा दीप सम्मान’ से अलंकृत किया गया है।
2. ‘बुलंदी’ एवं हॉवर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड (लंदन)
इससे पहले भी विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर ‘बुलंदी’ संस्था द्वारा आयोजित विश्व के सबसे बड़े वर्चुअल कवि सम्मेलन में आपने सहभागिता की।ज्ञात रहे कि 55 देशों के 1205 कवियों के साथ मिलकर 220 घंटे तक बिना रुके चलने वाले इस कवि सम्मेलन ने ‘हॉवर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज किया। इस ऐतिहासिक मंच पर गुवाहाटी का प्रतिनिधित्व करना मधु जी की एक बड़ी उपलब्धि रही।
आप अपनी रचनाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को वेदों, पुराणों और राष्ट्रचेतना से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही हैं। मधु जी की लेखनी केवल कविताओं तक सीमित नहीं है; वे भजन, लघु कथाएं और सामाजिक विषयों पर लेख भी लिखती हैं।
आदरणीय पंकज प्रियम जी द्वारा स्थापित सशक्त साहित्यिक पटल साहित्योदय की “किचन से सृजन” मुहिम से जुड़कर आपने घरेलू महिलाओं को साहित्य की मुख्यधारा में लाने हेतु प्रेरणादायी कार्य किया है।आपके लेख,ग़ज़ल,कविताएं,भजन देश -विदेश की पत्रिकाओं और राष्ट्रीय स्तर के अखबारों में निरंतर प्रकाशित होते रहते हैं। आपकी इस विशिष्ट उपलब्धि पर मित्रों,रिश्तेदारों और शुभ- चिंतकों द्वारा बधाई का सिलसिला जारी है।मधु जी ने यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपनी भागीदारी के लिए साहित्योदय परिवार और पंकज प्रियम जी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता अभिव्यक्त की है।
मधु माहेश्वरी की लेखनी केवल शब्द नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की खुशबू है जो अब वैश्विक पटल पर महक रही है।




