
आज हम एक ऐसे गंभीर रोग के बारे में बात करेंगे, जो अक्सर सामान्य बुखार या सिरदर्द समझकर टाल दिया जाता है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह जानलेवा भी सिद्ध हो सकता है, यह रोग है मेनिनजाइटिस।
मेनिनजाइटिस मस्तिष्क (Brain) और रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) को ढकने वाली झिल्लियों (मेनिन्जेस) की सूजन है। यह सूजन मुख्यतः संक्रमण के कारण होती है ।
वायरल (सबसे सामान्य) ,बैक्टीरियल (सबसे खतरनाक), फंगल (कम लेकिन गंभीर) । कुछ मामलों में यह रोग अपने आप ठीक हो सकता है, लेकिन कई बार यह तेजी से बढ़कर जीवन के लिए खतरा बन जाता है। इसलिए समय पर पहचान और उपचार अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य लक्षण :- शुरुआती लक्षण अक्सर इन्फ्लूएंजा जैसे लगते हैं, इसलिए लोग भ्रमित हो जाते हैं जैसे अचानक तेज बुखार,गर्दन में अकड़न,असामान्य और तेज सिरदर्द,मतली या उल्टी , भ्रम, ध्यान में कमी,अत्यधिक नींद या बेहोशी जैसा अनुभव
तेज रोशनी से परेशानी ,भूख और प्यास में कमी,त्वचा पर लाल चकत्ते आदि। छोटे बच्चों में यह रोग और भी तेजी से असर करता है, इसलिए विशेष सावधानी आवश्यक है :- लगातार रोना या चिड़चिड़ापन, अत्यधिक सुस्ती या निष्क्रियता , दूध/खाना न लेना, सिर के ऊपर की मुलायम जगह का उभरना ,शरीर व गर्दन में अकड़न,तेज बुखार । यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार के साथ गर्दन अकड़ना, भ्रम, या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देर किए तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। देरी करना खतरनाक हो सकता है।समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय :- स्वच्छता का ध्यान रखें , संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें, बच्चों की विशेष निगरानी करें।
डॉ रुप कुमार बनर्जी। होमियोपैथिक चिकित्सक



