साहित्य

प्रकृति ही, ईश्वर है

डॉ रामशंकर चंचल

पर्यावरण दिवस पर
सम्पूर्ण विश्व धरा की
महत्वपूर्ण भूमिका को,
सतत् प्रणाम करता हूं
पर्यावरण है तो
जीवन है, यह सत्य
सभी जानते हैं
कोई नई बात नहीं
बस इतनी जानना
जरूरी है कि
यदि जीवन को
रोगों से मुक्त
स्वस्थ और प्रसन्न
खुशहाल रखना है तो
पर्यावरण के महत्व को
प्रतिदिन आदर और सम्मान से
लेना होगा और उसकी
अद्भुत महत्ता
जीवन संजीवनी है
को समझना होगा
बल्कि सत्य यह है कि
पर्यावरण ही ईश्वर है
जो सभी मानव मात्र,पशु पक्षी सभी प्राणियों को,सतत् प्यार करते हुए
सुख और सुकून देता है
जो कभी जाति धर्म राजनीति ऊंच नीच अमीर गरीब आदि आदि सैकड़ों बैराग आलाप से
कोसों दूर है और
मानव मात्र को
सुख सुकून देता
जिंदा रखें हैं
वंदनीय हैं,सत् सत् वंदन है
पर्यावरण के देवता रूप को
सदा ही इसी तरह
विश्व धरा पर दस्तक दे
बने रहे और मानव जीवन को
सांसे दे,जिंदा रखें, सक्रिय रखें ऊर्जा और ताकत दे

डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश

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