
परशुराम सा अक्षय बनिये l
सभी काम नित वैसे करिये ll
जन्म दिवस पर शंभु शिष्य के,
शंभु-शंभु जप मिलकर करिये l
परशुराम सा और न कोई,
कठिन तपस्या वैसी करिये l
करने वाले कर लेते हैं,
कठिन काम से कभी न डरिये l
जैसे अरि का नाश किये थे,
शत्रु नाश मिल वैसे करिये l
परशुराम की पूजा करके,
शिव संकल्प हृदय में भरिये l
जन्म मनाना तभी सफल हो,
परशुराम सा कुछ तो करिये l
काम काज सब अक्षय होगा,
संकल्पों से कभी न टरिये l
जय-जय अक्षय परशुराम की,
प्रिय भारत को अक्षय करिये l
‘ईश्वर’ अक्षय तन-मन-धन हो,
यही भाव प्रभु सबमें भरिये l
ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति l




