युवाओं में संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने हेतु संगोष्ठी आयोजित

मऊ (उत्तर प्रदेश)। युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक बनाने के उद्देश्य से शारदा सेवा संस्थान, बहरीपुर, मऊ द्वारा एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “संवैधानिक मूल्य, भारत सरकार का कानूनी ढांचा एवं युवाओं की सक्रिय नागरिक भूमिका” रहा, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।

संगोष्ठी का शुभारंभ संस्थान के सचिव एवं निदेशक रुद्र प्रताप जी के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रमाशंकर जी, बाल संरक्षण अधिकारी श्री शिवनंद सिंह जी (महिला कल्याण विभाग, मऊ) सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
वक्ताओं ने भारतीय संविधान में निहित मूल अधिकारों और मूल कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि संविधान न केवल नागरिकों को अधिकार प्रदान करता है, बल्कि उन्हें राष्ट्र और समाज के प्रति उनके कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने युवाओं को संविधान की मूल भावना को समझने और उसे अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रमाशंकर जी ने भारत के कानूनी ढांचे के विभिन्न पहलुओं—कानून के महत्व, न्याय प्रणाली की भूमिका और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं को यह भी बताया कि किस प्रकार वे कानून का पालन करते हुए अपने अधिकारों का सही और प्रभावी उपयोग कर सकते हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि युवा वर्ग जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बने, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है।
संगोष्ठी के अंत में उपस्थित युवाओं ने संकल्प लिया कि वे संवैधानिक मूल्यों का पालन करेंगे, समाज में जागरूकता फैलाएंगे और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।
शारदा सेवा संस्थान ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक चेतना का समग्र विकास हो सके।




