साहित्य

एक दिन कहानी बन कर चले जाओगे।         

रचयिता

एक दिन कहानी बन कर चले जाओगे।

लिखोगे अच्छी तो सबको ही याद आओगे।।

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दिल में जगह बना लेते जो मीठा बोल लेते हैं।

सबके कानों में मिश्री सी वह घोल देते हैं।।

जाओगे फिर भी तुम दिलों में रह जाओगे।

एक दिन कहानी बन कर चले जाओगे।।

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चंदन बनो कि टुकड़े होकर खुशबू देते रहोगे।

दुआएं भी साथ हर दिल की तुम लेते रहोगे।।

हर दिल की यादों में फिर तुम जगह पाओगे।

एक दिन कहानी बन कर चले जाओगे।।

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कुछ यूं करके जाओ कि मिसाल लोग देते रहे।

तुम्हारी हर बात को लोग बेमिसाल कहते रहें।।

तब तुम हर दिल में फिर एक उम्र दोहराओगे।

एक दिन कहानी बन कर चले जाओगे।।

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रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”

बरेली।।

©. @. skkapoor

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