
स्वाभिमान साहित्यिक मंच का 46वें राष्ट्रीय कवि दरबार: काव्य रस में डूबे श्रोता
पटियाला। स्वाभिमान साहित्यिक मंच द्वारा हाल ही में 46वें राष्ट्रीय कवि दरबार का भव्य आयोजन किया गया, जिसने देश के कोने-कोने से आए कवियों को एक मंच पर लाकर काव्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सफल आयोजन के सूत्रधार नरेश कुमार आष्टा थे, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम ने नई ऊंचाइयों को छुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के पचोर से आए सन्तोष मालवीय जी ने की, जिनके कुशल मार्गदर्शन में कवि दरबार ने साहित्यिक गरिमा को बढ़ाया। पटियाला की जागृति गौड़ ने अपनी प्रभावशाली संचालन शैली और शेरो-शायरी से पूरे कार्यक्रम में एक अद्भुत सामंजस्य बनाए रखा।
इस काव्य संध्या में विभिन्न प्रांतों के कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। पटियाला से संजय दर्दी चोपड़ा ने अपनी खूबसूरत ग़ज़ल से श्रोताओं का दिल जीता। छत्तीसगढ़ से सम्पति चौरे ‘स्वाति’ और पटना से दुर्गेश मोहन ने अपनी कविताओं और गीतों से समां बांधा। साहिबाबाद से सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा, नई दिल्ली से संतोष पुरी जी, संतोष मालवीय, रशीद ग़ौरी और डॉ. अनुज प्रभात ने अपने गीतों और आज़ाद ग़ज़लों से ऐसा माहौल बनाया कि उपस्थित सभी लोग काव्य रस में डूब गए। कार्यक्रम को स्वाभिमान साहित्य यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण किया गया।
यह राष्ट्रीय कवि दरबार स्वाभिमान साहित्यिक मंच के साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के अथक प्रयासों का एक और सफल उदाहरण था, जिसने काव्य प्रेमियों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।
प्रस्तुति _दुर्गेश मोहन



