
विश्व दूध दिवस पर सुन लो,
दूध है जीवन का आधार,
सेहत, शक्ति, खुशियाँ देता,
इससे महके हर परिवार।
लेकिन कुछ लालच के कारण,
मिलावट का जाल बिछाते हैं,
थोड़े से धन की खातिर लोग,
मानवता तक भूल जाते हैं।
मिलावट करने वालों,
क्यों मूल्य नहीं समझते हो?
निर्दोषों की सेहत से तुम,
क्यों इतना बड़ा खिलवाड़ करते हो?
बच्चों की मुस्कान छीनकर,
कैसा धन तुम पाओगे?
ईमान खोकर इस जीवन में,
भला कहाँ सुख पाओगे?
आओ मिलकर शपथ ये लें,
शुद्धता का मान बढ़ाएँगे,
विश्व दूध दिवस पर हम सब,
स्वस्थ भारत बनाएँगे।
सीता सर्वेश त्रिवेदी जलालाबाद शाहजहांपुर



