
बोलती कलम मंच पर “मन की बात “में शुक्रवार शाम 5 बजे प्रिया काम्बोज प्रिया जो मां शाकुम्भरी देवी की धरा सहारनपुर उत्तर प्रदेश से अपने मन की बात सांझा की ।पटल पर मंच का संचालन किया मंच के संस्थापक आदरणीय श्री संजय राई सांई जी ने । सर्वप्रथम संस्कृत में मां शारदे की वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम सम्पन्न होने पर बोलतीं कलम संस्था के समीक्षक आदरणीय श्री संदीप शर्मा ‘सरल ‘ने अपनी समीक्षा में सम्पूर्ण कार्यक्रम की झलक दिखाई।
आपकी तो पहली काव्य प्रस्तुति ही सराहनीय रही बेहतरीन आत्मविश्वास के साथ मंच संवारती। बहुत बहुत बधाई हार्दिक अभिनंदन।
गुरू की गुरुता प्रत्यक्ष करती रचना शानदार।
प्रेम की अनहद नाद की गूंज अति विशेष थी।राधेय की प्रेम विशुद्ध प्रेम की स्तुति। फिर पिता की महिमामंडित गाती रूह छूती रचना।क्या बात। कलम की रंगत को बताती नज़रिए की संरचना। अकेलापन तो अद्भुत अद्वितीय रचना थी।बेजुबान की जुबान बनती शानदार रचना।इक खालीपन की आवाज बनती आपकी रचना।अकेलापन ।और हर रचना की पैदाइश की माकूल वजह देती आपकी हर कृति शानदार रही।बेटा बड़ा हो गया मुझे आपकी सबसे महान कृति लगी।यह कालजयी रचना है जो हर पुरुष के पुरूषार्थ का प्रथम पग बताती है।लेखनी की विविधतापूर्ण नृत्य सी शब्द धारा मन मोह लेती आपकी हर प्रस्तुति। अश्कों को पीना सीख लिया हमने।कारण और भावों का संगम लिए। कुल मिलाकर आप की प्रतिष्ठित योग्यता कहती रही।शानदार शानदार शानदार। और बधाई आदरणीय सराहनीय प्रस्तुतिकरण रहा। अंत में प्रिया जी और संस्थापक महोदय द्वारा सभी को मंच से जुडने और अपना कीमती समय देकर कार्यक्रम को सफल बनाने के सभी का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
बोलती कलम परिवार
प्रिया काम्बोज प्रिया ✍️ सहारनपुर उत्तर प्रदेश




