
सूरज चांद की तरह ऊपर चमकना चाहता हूं।
हीरों की खान -सा मैं दमकना चाहता हूं।।
दुनिया वालों जान लो कि मैं हूं देश हिंदुस्तान।
गुलशन बाग -बहार की तरह पनपना चाहता हूं।।
2
देना चाहता पूरी दुनिया को रोशनी और उजाला।
बनना मुझको दुनिया का एक शांति दूत आला।।
मैंने सीखा है बहुत कुछ तूफानों से लड़ कर।
गुलाम जंजीरें तोड़कर खुद को बाहर निकाला।।
3
मेरे पास पुरातन संस्कार संस्कृति का खजाना है।
दुनिया का हर देश कश्मीर घाटी का दीवाना है।।
कदम -कदम कला साधना का नया रूप बसा हुआ।
हमें दुनिया को संस्कार संस्कृति रास्ता दिखाना है।।
4
शांति दूत बन कर विश्व को संदेश देना चाहता हूं।
वसुधैव कुटुंबकम् का परिवेश देना चाहता हूं।।
मैं हिंदुस्तान रगों में बस ईमान का लहू हूं रखता।
संपूर्ण विश्व को मानवता का गणवेश देना चाहता हूं।।
रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।
©. @. skkapoor
सर्वाधिकार सुरक्षित




