साहित्य

मंद-मंद मुस्काते भोले

त्रिपाठी दिग्राम

 

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काठमांडू – शिव की नगरी काठमांडू में इन्दौर म.प्र. से नेपाल आए कवि शिक्षक कार्तिकेय त्रिपाठी राम नें सपत्नीक अपने आराध्य भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के साथ अपने स्वरचित काव्य संग्रह मंद-मंद मुस्काते भोले … पुस्तक पशुपतिनाथ के चरणों में अर्पण की,जिसमें शिव पर केन्द्रित 208 मनके रूपी कविताएं संग्रहित हैं।

लेखक त्रिपाठी ने यह पुस्तक अपने गृह प्रदेश मध्यप्रदेश में अनेकों शिव मंदिर और भागवत कथा जेसे आयोजनों में सस्नेह भेंट की है। इनकी भक्ति कविताएं लगातार शिवभक्तों के बीच लोकप्रियता का सबब बन रही हैं। त्रिपाठी इस यात्रा के दौरान अपनी 330 कविताएं पूर्ण कर चुके हैं।

श्री त्रिपाठी दिग्राम टुडे में विगत चार-पांच वर्षों से लगातार शिवजी पर आध्यात्मिक कविता लिख रहे हैं।

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